ईश्वर नहीं चाहता
पूजा पाठ का रस्म
वह नहीं चाहता
फल फूल की चढाई
पालकी रथ की सवारी
धन और दान का आडंबर
क्या चाहता है वह,
अपनी सर्वोत्तम सृष्टि से ?
वह चाहता है कि
मानव प्रकृति को नष्ट न करें
अन्य जीवों पर दुष्ट न बनें
संसार में प्रेम और शांति बने रहें
मानव देव न सही,
मानव बनकर जिएँ, जीने दें ।।
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